tag:blogger.com,1999:blog-11470354.post4636518418188653881..comments2008-04-17T19:43:24.610-06:00Comments on मानसी: मैंने आज हाइवे पर गाड़ी चलाईManoshihttp://www.blogger.com/profile/13192804315253355418noreply@blogger.comBlogger7125tag:blogger.com,1999:blog-11470354.post-31667120929777461382008-04-17T19:43:00.000-06:002008-04-17T19:43:00.000-06:00बहुत अच्छी गाड़ी चलाई। हाईवे पर गाड़ी चलाने की बधाई।...बहुत अच्छी गाड़ी चलाई। हाईवे पर गाड़ी चलाने की बधाई। सब ऐसे ही मौज लेते हैं। चलाती रहो गाड़ी। जो होगा देखा जायेगा।अनूप शुक्लhttp://www.blogger.com/profile/07001026538357885879noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-11470354.post-23835337306823799102008-04-17T19:14:00.000-06:002008-04-17T19:14:00.000-06:00सुजाता, आपकी टिप्पणी के लिये धन्यवाद। मसीजीवी, अगल...सुजाता, आपकी टिप्पणी के लिये धन्यवाद। मसीजीवी, अगले लेख में गाड़ी चला रही हूँ मैं। हाँ प्रत्यक्षा, आजकल कम ही लिखना हो पाता है। पर जब भी कोई बहाना मिले, लिखने को मन करता है। बस एक बहाना ही है ये लिखने का। ह्म्म समीर आप अब भी भारत में ही हैं? अनूपदा...अब आप्की टिप्पणी का क्या जवाब दूँ :-)Manoshihttp://www.blogger.com/profile/13192804315253355418noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-11470354.post-58200436146534619992008-04-16T22:57:00.000-06:002008-04-16T22:57:00.000-06:00हे भगवान ! टोरोंटो की सड़को का अब क्या होगा ? ही .....हे भगवान ! टोरोंटो की सड़को का अब क्या होगा ? ही ... ही .... ही ...अनूप भार्गवhttp://www.blogger.com/profile/02237716951833306789noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-11470354.post-13462493959043359142008-04-16T22:52:00.000-06:002008-04-16T22:52:00.000-06:00ओह!! तो अब हाईवे पर चला रही हो?? तब तो संभल कर चलन...ओह!! तो अब हाईवे पर चला रही हो?? तब तो संभल कर चलना पड़ेगा टोरंटो लौटने के बाद हाईवे पर. :)<BR/><BR/>बधाई.Udan Tashtarihttp://www.blogger.com/profile/06057252073193171933noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-11470354.post-12019549243321778302008-04-16T22:34:00.000-06:002008-04-16T22:34:00.000-06:00बड़े दिनों बाद मानसी ? लेकिन अब शुरु हुई हो तो ज़ारी...बड़े दिनों बाद मानसी ? लेकिन अब शुरु हुई हो तो ज़ारी रखना । कहाँ रहीं ?<BR/>तुम्हारी पोस्ट पढ़कर झुम्पा लाहिरी की मिसेज़ सेन याद आ गईं ।Pratyakshahttp://www.blogger.com/profile/10828701891865287201noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-11470354.post-28308779024291725912008-04-16T21:35:00.000-06:002008-04-16T21:35:00.000-06:00ये एक शानदार चोखेरबाली जद्दोजहद है। पति चला लेते ह...ये एक शानदार चोखेरबाली जद्दोजहद है। पति चला लेते हैं, ले जाते हैं, एक यूनीवर्सल किस्म की पतिनिर्भरता है, उम्मीद है जल्द ही आपको गाड़ी चलाते हुए पढेंगे। उम्मीद तो ये भी है कि किसी दिन हम भी गाड़ी में ऑंख मूंदे बैठेंगे जिसे हमारी पत्नी चलाएं।...खैर।। सपने, और क्या।masijeevihttp://www.blogger.com/profile/07021246043298418662noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-11470354.post-62897785270635148582008-04-16T21:32:00.000-06:002008-04-16T21:32:00.000-06:00चाहे कुछ भी हो जाए गाड़ी चलाने की हिम्मत न छोड़ना ।व...चाहे कुछ भी हो जाए गाड़ी चलाने की हिम्मत न छोड़ना ।वैसे दुनिया मे हर जगह हर टैफिक जाम और हर सड़क गड़बड़ी के की वजह है "कोई मैडम "।लेकिन कटुवचन सुन ने के बाद स्त्रियाँ गाड़ी चलाती हैं ।चलानी भी चाहिये । बल्कि बाइक भी चलानी चाहिये ।गाड़ी के साथ तो फिर भी एक नज़ाकत है ,इश्टाइल और क्लास है । बाइक पर बैठी महिला की दबंगई के क्या कहने ।सुजाताhttp://www.blogger.com/profile/12373406106529122059noreply@blogger.com