मानसी

कुछ दिल से...

Sunday, July 30, 2006

अलविदा सुंदर वादियाँ

वैंक्यूवर की सुंदर वादियाँ छोड़ जाने का वक्त आ गया है। एक साल गुज़र गया। इस जगह को यादों में बसाये ज़िन्दगी के एक और मुक़ाम की ओर बढ़ रही हूँ...

इस फूलों के शहर से कुछ तस्वीरें--


बुचर्ट बगीचा, विक्टोरिआ
शहरों को जोड़ते मनोरम पहाड़ी ऊँचे-नीचे रास्ते

यहाँ के आदिवासियों की निराली कला, टोटम पोल


सुंदर वादियाँ, एक दृश्य

नाव से राजधानी विक्टोरिआ जाने की राह में

संसद भवन, विक्टोरिआ

Labels: ,

Monday, July 24, 2006

आज कुछ माँगती हूँ प्रिय


आज कुछ माँगती हूँ मैं
प्रिय क्या दे सकोगे तुम?
मौन का मौन में प्रत्युत्तर
अनछुये छुअन का अहसास
देर तक चुप्पी को बाँध कर
खेलो अपने आसपास
क्या ऐसी सीमा में खुद को
प्रिय बांध सकोगे तुम
आज कुछ माँगती हूँ प्रिय...

तुम्हारे इक छोटे से दुख से
कभी जो मेरा मन भर आये
ढुलक पड़े आँखों से मोती
सीमा तोड़ कर बह जाये
तो ज़रा देर उँगली पर अपने
दे देना रुकने को जगह तुम
उसे थोड़ी देर का आश्रय
प्रिय क्या दे सकोगे तुम?
आज कुछ मांगती हूँ प्रिय...

कभी जब देर तक तुम्हारी
आंखों में मैं न रह पाऊँ
बोझिल से सपनों के भीड़
में धीरे से गुम हो जाऊँ
और किसी छोटे से स्वप्न
के पीछे जा कर छुप जाऊँ
ऐसे में बिन आहट के समय
को क्या लाँघ सकोगे तुम
आज कुछ माँगती हूँ प्रिय...

Labels:

Sunday, July 09, 2006

सुखद सूचना

डा. व्योम व रवि रतलामी 'सहारा समय' टी.वी चैनेल पर आज (९ जुलाई २००६ को)

शायद आप लोगों को पता हो और शायद आप में से कइयों ने देखा भी हो, सहारा समय नामक टीवी चैनेल पर आज( जुलाई ९) हमारे अपने जाने माने चिट्ठाकार रवि रतलामी और डा. जगदीश व्योम जी के साथ साक्षात्कार का सीधा प्रसारण दिखाया गया। आप सब को ज्ञात होगा कि माइक्रोसाफ़्ट इन्डिया ने इन दो चिट्ठाकारों को हाल ही में सम्मानित किया था। डा. व्योम को हिन्दी साहित्य में सर्वश्रेष्ठ ब्लाग का पुरस्कार वहीं रवि को श्रेष्ठ हिन्दी ब्लाग के लिये पुरस्कार मिला। आज इस साक्षात्कार में हिन्दी ब्लाग जगत के बारे मॆं चर्चा हुई। माइक्रोसाफ़्ट इन्डिया के पुरस्कार संबंधी जानकारी के लिये दैनिक भास्कर के इस लिंक पर जायें। दैनिक भास्कर ने अपने मुख्य पृष्ठ पर इसे प्रकाशित किया था। सभी विजेताओं की सूची यहाँ देखिये।

डा. व्योम व रवि को बधाई ।