Tuesday, October 28, 2008

आज जाने की ज़िद न करो- फ़रीदा ख़ानम


फ़रीदा ख़ानम की आवाज़ में बहुत मशहूर ग़ज़ल, वेब पर कई जगह उपलब्ध भी हैं पर फिर भी एक बार और-



2 comments:

Parul said...

jitni baar sunvayiye ..kum hai!!hai hi nayaab ghazal

अनूप शुक्ल said...

बहुत अच्छी गजल सुनवाई। काफ़ी दिन बाद सुनी अच्छा लगा!