Monday, August 31, 2009

ई-स्वामी - बधाई


कुछ दोस्त, कुछ रिश्ते यूँ ही राह में चलते-चलते बन जाते हैं। ई-स्वामी से कुछ ऐसे ही मुलाक़ात हुई थी आनलाइन। और राह में चलते-चलते कब हम दोनों इतने अच्छे मित्र बन गये, पता नहीं चला। कुछ एक जैसा ही बैक-ग्राउंड (मध्य प्रदेश से), कुछ एक जैसी सोच तो कुछ उल्टी सोच, कुछ दोनों का बेबाक (उसका मुँहफ़ट होना, मेरा बेबाक होना :-P) होना, कुछ मन का मेल...

ब्लॉग वर्ल्ड में अनाम रहने वाला ई-स्वामी अभी कुछ महीने पहले हमसे मिला। :-) एक टिपिकल देवर की तरह मेरे किचन में खूब मीन-मेख निकाले, कहा, भाभी, चाय तक बनानी नहीं आती, पता नहीं दादा कैसे झेलते हैं आपको। सो-कॉल्ड सही चाय बनानी सिखाई, और दादा के साथ गाड़ी और बीयर की बातें ले कर व्यस्त रहा। बिचारी भाभी सीन से गुल...(थोड़ा-बहुत एक अच्छे देवर की तरह दादा की डाँट से बचाया भी, मेरे सेल-फ़ोन स्कूल में छोड़ आने की बात उन्हें न बता कर, और फिर हर दो मिनट में धमकी दे कर- "बता दूँ?")।

आज ये पोस्ट एक ख़ास बात ऐलान करने के लिये कर रही हूँ- ई-स्वामी को कल दूसरे पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है। परिवार वालों के बाद ये खबर सबसे पहले मुझे दी उसने (ऐसा कह्ता है वो, सच का पता नहीं)। बच्चे का नाम बच्चे के चाचा के छ: साल के बेटे ने विशिष्ट रखा है। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और ई-स्वामी बहुत खु़श। तुम्हें बहुत-बहुत बधाई ई-स्वामी।

20 comments:

संगीता पुरी said...

बहुत खुशी की खबर है .. ई-स्वामी जी को बहुत बहुत बधाई !!

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

That is wonderful news -- God Bless VISHISHT BABA --

E SWAMI Ji , BADHAYEE --

MANSI BUA KO BHEE BADHAYEE :)

Ratan Singh Shekhawat said...

ई-स्वामी पुत्र रत्न प्राप्ति पर हमारी भी बहुत बहुत बधाइयाँ :)

Udan Tashtari said...

ई-स्वामी को दूसरे पुत्र रत्न ’विशिष्ट’ की प्राप्ति के लिए बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाऐं.

अनूप शुक्ल said...

वाह! अभी अपनी पिछली पोस्ट में ही स्वामी ने लिखा था ओत्तेरे की। ओत्तेरे की फ़िर बाप बन गया। बधाई! बच्चे के मां-पिता को बधाई। बच्चे को आशीष और मंगलकामनायें। देवर-भाभी की नोकझोंक जारी रहे।

Arvind Mishra said...

ई स्वामी को बहुत बहुत बधाई और नवागंतुक विशिष्ट को स्नेहाशीष -वह एक सन्नाम ब्लॉगर बने -बाप की अतारः बेनामी नहीं !
मुझे कोफ्त इस बात से है की कुछ बेनामी ही इतनी प्रतिभा और स्वाध्याय वाले क्यों हैं -उन्मुक्त ,घोस्ट बस्टर और ई ई स्वामी !
मैं जब तक इन्हें जान नहीं जाऊँगा मेरी आत्मा इन्हें ढूंढती रहेगी !

अजय कुमार झा said...

मतलब छोटे से उ स्वामी आ गये हैं..बधाई हो जी बधाई हो..

विवेक सिंह said...

ई-स्वामी जी और ई-स्वामिनी जी को बधाई !

बी एस पाबला said...

ई परिवार को बधाई व शुभकामनाएँ

लवली कुमारी / Lovely kumari said...

ई-स्वामी जी को बधाई.

Ashish Shrivastava said...

E3-Swami ke aagaman par hardik badhai.
(E3-->E cube)

अल्पना वर्मा said...

ई-स्वामी जी और ई-स्वामिनी जी को दूसरे पुत्र रत्न ’विशिष्ट’ की प्राप्ति बहुत बहुत बधाई !!

eSwami said...

आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद! :)

Jitendra Chaudhary said...

अरे वाह!
ढेर सारी बधाईयां भई। आज पता चला कि ईस्वामी इतने दिनो से किधर गायब थे?
धन्यवाद मानसी, एक अच्छी खबर देने के लिए।
ईस्वामी परिवार को बहुत बहुत बधाईयां, ईस्वामी अब तो लिखना शुरु करो यार! भले ही हमारी तरह कभी कभार, लेकिन ब्लॉगिंग मत छोड़ो।

rachana said...

नमस्ते मानसी!
ई स्वामी को तो अभी अभी बधाई दे चुकी.. तुम्हे भी बधाई दोबारा ताई जी बनने की .:)

दिगम्बर नासवा said...

E SWAMI JI KO HAMAARI BHI BADHAAI ....

डा प्रवीण चोपड़ा said...

हमारी बधाईयां भी स्वीकार हों

नितिन | Nitin Vyas said...

ई-स्वामी जी को बहुत बहुत बधाई

अभिनव said...

वाह जी वाह, ई स्वामीजी को अनेक शुभकामनाएं.

Readers Cafe said...

मानसी, आपने तो वक्त से खबर दी हमने ही पढ़ने में देर लगायी, स्वामीजी को बधाई उनका दरवाजा खटखटाके दे आये हैं। स्वामीजी ने जो मीनमेख निकालें हैं आशा है वो आपने ठीक कर दिये होंगे। अच्छा है अगली बार अगर हम आपके घर आ धमकें तो कम से कम किचन तो चकाचक मिलेगी ;)

- तरूण