Wednesday, November 09, 2005

दूर के ढोल सुहाने...२

पिछली बार जब लिखा कि कनाडा अगर इमिग्रेट कर के आना है तो भली भांति सोच लें, तो बाद में कुछ लोगों ने मुझसे कहा कि मैं कहीं उन्हें डरा तो नहीं रही। और आगे इस बात का खुलासा भी करने को कहा। तो उन्हीं लोगों से बातचीत के बाद का नतीजा है ये दूसरा भाग।

कनाडा इमिग्रेशन की अनुमति के लिये आपको कुछ पोइंट्स चाहिये होते हैं जो आपकी शैक्षणिक योग्यता और कुछ अन्य चीज़ों पर निर्भर करते हैं। तो अगर आप वो पाइंट्स हासिल कर लेते हैं तो आपको इन्टर्व्यूह के लिये बुलाया जाता है और कुछ महीनों में मेडिकल और कुछ और महीनों में वीसा आ जाता है।

जब आप कनाडा आते हैं तो बहुत कम लोग नसीबवाले होते हैं जो पहले से ही नौकरी के साथ आते हैं। ज़्यादातर लोग बिना नौकरी के, ग्रीन कार्ड (पी.आर.सी.) ले कर आते हैं। तो शुरु होती है नौकरी की तलाश। कनाडा सरकार ने कई नौकरी उपलब्ध कराने में सहायता करने वाले नि:शुल्क सहायता केन्द्र खोल रखे हैं। आपको वहां कंप्यूटर, फ़ैक्स, फोटोकापियर और समाचार पत्र उपलब्ध कराये जाते हैं। आपको यहां किस तरह अपना रेस्यूमे या बायो-डाटा बनाना चहिये, कैसे इन्टर्व्यूह के लिये तैयार होना चाहिये आदि पर जानकरी भी दी जाती है जो पता नहीं भारतीयों को कितना मदद करती है क्योंकि भारतीय पहले से ही काफ़ी जानकारी रखते हैं और तैयारी के साथ ही आते हैं।

अब आप नौकरी के लिये अपनी योग्यता अनुसार कंपनियों में अपना रेस्यूमे भेजते हैं तो आपको कोई जवाब नहीं देता। तो आप कम्पनी में फ़ोन करते हैं और जवाब आता है, "आप को Canadian experience नहीं है। हम आपका रेस्यूमे फ़ाइल में रख रहे हैं, जैसे ही कोई उपयुक्त जगह होगी, आपको संपर्क किया जायेगा।" इस तरह आप चालीस-पचास जगह आवेदन पत्र भेज चुके होते हैं मगर हर जगह से यही जवाब आता है। (ये कोई अतिशयोक्ति नहीं है) आपकी पत्नी तब तक कोई मामूली कारखाने में काम पर लग चुकी होती है और आप भी निराश हो कर यहां आने के निर्णय को कोसते रहते हैं।
अब इस सूरत में मेरी राय यही है कि निराश न हों। कोई भी 'औड जाब' लेने से पहले हज़ार बार सोचें, एक बार इस चक्रव्युह में फ़ंस गये तो निकलना मुश्किल होगा। ९९% सफल इमिग्रेंट्स ने धैर्य से काम लिया तभी आज वो सफल हैं। एक बार कहीं से आपके अपने फ़ील्ड में नौकरी लग गयी तो किसी भी दर पर उसे ले लें क्योंकि वो अनुभव आपको कुछ ही महीनों में दूर तक ले जायेगा। आप अगर डाक्टर हैं तो १ करोड बार यहां आने से पहले सोचें।

कुछ सच्चाई-

१)टोरोंटॊ में मैने जितने भी टैक्सी ड्राइवर देखे हैं सब या तो इन्जीनियर, डाक्टर या टीचर देखे हैं।

२)मेरे दो ड्राइविंग इन्स्ट्रक्टर रह चुके हैं। एक डाक्टर और दूसरे पी.एच.डी इकोनोमिक्स में, पाकिस्तान से

३)हमारे एक डाक्टर दोस्त, जो लगभग ४८-५० साल के हैं, और बहुत ही भाग्यशाली रहे, २ साल में पूरी तरह घर में बैठ कर मेडिकल के सारी परीक्षायें एक बार में पास कर अब पूरी तरह से डाक्टरी कर रहे हैं। उनकी पत्नी को एक महीने में ही बहुत अच्छी नौकरी मिल गयी थी इसलिये वो ये कर सके। ये बहुत ही असाधारण सी बात है।

४)मेरे एक कलीग टीच्रर जो दुबई में किसी बहुत बडे स्कूल में पढाते थे को ९ महीने तक कोई नौकरी नहीं मिली और वो लौट गये।
५) कई इन्जीनियर, डाक्टर अब रीअल एस्टेट एजेंट्स हैं, कुछ बैंक में काम करते हैं।

ये सारे काम अच्छे हैं मगर क्या आपको अपना कार्यक्षेत्र बदलना मंज़ूर है? इसलिये अगर आप मेरे इस लेख के पहले भाग में पूछे प्रश्न के उत्तर हां में दे सकते हैं तो आपका स्वागत है इस देश में।

1 comment:

brijesh said...

मानसिक जागृति कराता आलेख आने वाले कल का मार्ग संवाहक है.