Sunday, November 30, 2008

उल्लास भी...(कुछ तस्वीरें)

कुछ रुकता नहीं...ज़िंदगी उतार चढ़ाव, दु:ख सुख के साथ चलती रहती है। क्रिसमस बस कुछ ही दिन दूर है, क्रिसमस की पार्टी, ख़रीदारी, उल्लास...ये भी ज़िंदगी का एक रूप है, बहुत सुंदर, मनभावन...
इस सप्ताहांत माल आदि में घूमते हुये कुछ तस्वीरें लीं। घर में क्रिसमस ट्री सजाना अगले सप्ताहांत का कार्यक्रम है। सुंदर माल सजने लगे हैं, सैंटा बाबा के साथ बच्चे तस्वीरें लेने आने लगे हैं, हर तरफ़ क्रिसमस कैरल गूँजने लगे हैं...जिंगल बेल जिंगल बेल...रुडाल्फ़ द रेड नोज़्ड रेनडियर...

कुछ तस्वीरें-

पाइंसेटिया के लाल पौधे हर तरफ़- क्रिसमस सज्जा का एक रिवाज़


माल के भीतर- हिरण, बर्फ़, जगमगाहट


क्रिसमस ट्री सज्जा


सजे धजे माल


सैंटा बाबा- हो हो हो




2 comments:

अनूप शुक्ल said...

बहुत अच्छे चित्र! क्रिसमस ट्री नहीं दिखा बस!

Udan Tashtari said...

सही है-लग जाओ क्रिसमस की तैय्यारी में मेहनत से. :)