Saturday, November 29, 2008

Lest We Forget- कहीं भूल न जायें


ये पोस्ट मेरी श्रद्धांजलि है उन सभी शहीदों को जो इस बेहद दु:खद हादसे में अपनी जान गँवा बैठे। हम नहीं भूलेंगे किसी की भी कु़र्बानी...बस इस से ज़्यादा आज कुछ भी नहीं...


2 comments:

Udan Tashtari said...

इस दुखद और घुटन भरी घड़ी में क्या कहा जाये या किया जाये - मात्र एक घुटन भरे समुदाय का एक इजाफा बने पात्र की भूमिका निभाने के.

कैसे हैं हम??

बस एक बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह खुद के सामने ही लगा लेता हूँ मैं!!!

Monika said...

आपसे सहमत हूँ टीवी पर शहीदों के पार्थिव शरीर को देख मै भी अपने आँसू नही रोक पाई. मेरा नमन उन शहीदों को जो अपनी जान पर खेल कर भी हमें नई रोशनी नया मार्ग दे गए. एक सवाल स्वयं के अस्तित्व पर ही की मैं क्या कर सकती हूँ..... ????