"ह्म्म...तो आप शापिंग करने गये थे उस पार। कितने का सामन लिया?"
" ६० डालर सर"
"अच्छा? सिर्फ़ साठ डालर का सामान लेने?....सीमा के पार? कब आये थे?"
" दोपहर के बाद, कोई ३ बजे"
" तो ४ घंटे के लिये...ह्म्म...क्या क्या खरीदा?"
" बस कुछ कपड़े लत्ते, कुछ कस्मेटिक्स"
" हार्ड कोर शापर्स...मगर...अच्छा कोई और सामान, ड्यूटिफ़्री से?"
"नहीं सर"
" ह्म्म...अरे! और ये जी.पी.एस. ? (’बच के जाओगे कहाँ, ये पकड़ा’ टाइप्स लहज़े में) ये कब लिया?"
"ये तो पुराना है, कोई एक साल"
" अच्छा? रिसीट है?"
"नहीं, रिसीट कैसे होगी, पुराना है"
" कोई बात नहीं, आगे जा कर बाईं तरफ़ रुक जाओ, वहाँ चेकिंग होगी, एक अन्य आफ़िसर चेक करेगा"
"ठीक, सर"
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" आप लोग उतर आयें गाड़ी से, मैं चेक करूँगा"
"जी"
" जी.पी.एस में ट्रैवल हिस्ट्री दिखा सकते हैं?"
"हाँ, ये लीजिये...५१ घंटे की ड्राइव, ३१०० कि.मी. की दूरी तय"
"ह्म्म, पुराना है, ठीक है...और कुछ नहीं खरीदा?"
"नहीं (उफ़! )"
"ठीक है, जाइये"
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कल घूमते हुये हम नायग्रा की तरफ़ गये, (हमारे घर से कोई २ से २.५ घंटे) वहाँ से सूझा कि बार्डर के उस पार अच्छे शापिंग माल हैं, देख आते हैं। तो सीमा पार कर उन माल्स में गये । कुछ थोड़ी सी खरीदारी की और आते वक़्त सीमा पर हुई पूछताछ का ब्यौरा ऊपर। छ: डालर की ड्यूटी लगनी थी, उन्होंने नहीं ली।
नायग्रा सर्दी में बर्फ़ बन जाता है। सर्दी में नायग्रा की तस्वीरें-
बर्फ़ से जमी नायग्रा नदी
विश्व के मशहूर दर्शनीय स्थलों में से एक
बर्फ़ के जमने से नदी के बीच टापू पर पेड़ आइस स्कल्पचर से लगते हैं